डिंडौरी। “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” के अंतर्गत गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को जिलेभर में जल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों में नदियों, तालाबों, कुओं एवं पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई, गहरीकरण और संरक्षण के कार्य किए गए। कार्यक्रम कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में आयोजित हुए।
जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम नर्मदा डेम घाट डिंडौरी में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते ने की। कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार, नगर परिषद उपाध्यक्ष सारिका नायक, पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, सांसद प्रतिनिधि सुधीर दत्त तिवारी सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद स्थानीय कलाकारों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा लोकगायन और लोकनृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया गया।
अपने संबोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने लोगों से जल बचाने और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में सहयोग करने की अपील की।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जिले में जल संचय को बढ़ावा देने के लिए सोखता टैंक, कंटूर ट्रेंच एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही जल संरक्षण अभियान सफल हो सकता है।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं अधिकारियों ने मां नर्मदा घाट पर दीपदान कर पूजा-अर्चना की। जिले के शहपुरा, बजाग, अमरपुर, करंजिया, समनापुर एवं मेंहदवानी क्षेत्रों में भी जल संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम, श्रमदान एवं घाटों की साफ-सफाई अभियान चलाए।




