भोपाल/बालाघाट/मंडला। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल ने नक्सल प्रभावित बालाघाट एवं मंडला जिलों में पदस्थ उप निरीक्षकों (SI) के बड़े पैमाने पर तबादले के आदेश जारी किए हैं। पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा के बाद जारी इस आदेश में 100 से अधिक उप निरीक्षकों को नई पदस्थापना दी गई है। आदेश के अनुसार दो वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके अधिकारियों को अन्य जिलों में भेजा गया है, जबकि विभिन्न जिलों से नए अधिकारियों की तैनाती बालाघाट और मंडला में की गई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्य कर चुके अधिकारियों को निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर वापस उनके नए जिलों में भेजा जा रहा है। वहीं प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अधिकारियों को दो वर्ष की अवधि के लिए बालाघाट एवं मंडला भेजा गया है।
जारी सूची के अनुसार बालाघाट और मंडला में पदस्थ रहे उप निरीक्षकों को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, देवास, सतना, सागर, रतलाम, अशोकनगर, शिवपुरी, नीमच, छतरपुर, हरदा, मुरैना, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है। सूची में पवन यादव को इंदौर ग्रामीण, दीपक शर्मा को ए.अ.वि. पुलिस मुख्यालय भोपाल, अंकित उपाध्याय को शिवपुरी और दिलीप करण नायक को छतरपुर भेजा गया है। वहीं मंडला में पदस्थ संजीव कुमार शर्मा को अशोकनगर और मनोज कुमार गौतम को रीवा स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे ग्वालियर, धार, उज्जैन, रायसेन, जबलपुर, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, छतरपुर, निवाड़ी, इंदौर और टीकमगढ़ से उप निरीक्षकों को बालाघाट एवं मंडला भेजा गया है। आदेश में कहा गया है कि इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि कोई अधिकारी निलंबन की स्थिति में है तो उसे कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा और इसकी सूचना मुख्यालय को भेजी जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि जिले के भीतर अधिकारियों को थाना या इकाई स्तर पर कार्य आवंटन संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जाएगा। साथ ही स्थानांतरण नीति-2025 के प्रावधानों के तहत समय सीमा में कार्यमुक्त करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। यह आदेश पुलिस उप महानिरीक्षक (प्रशासन) सत्येन्द्र कुमार शुक्ल द्वारा जारी किया गया है। पुलिस विभाग में हुए इस बड़े फेरबदल को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।






