भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक आवश्यकताओं के चलते प्रदेशभर में बड़ा फेरबदल करते हुए उपायुक्त (विकास), मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं विकास खंड अधिकारियों के तबादले व अस्थायी पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। वल्लभ भवन, भोपाल से जारी आदेश के तहत डिंडोरी सहित कई जिलों में पंचायत स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने का उद्देश्य बताया गया है।
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुल 22 अधिकारियों को नवीन पदस्थापना दी गई है। इनमें कुछ अधिकारियों के पूर्व में 06 जून 2025 को जारी स्थानांतरण आदेशों में संशोधन भी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये तबादले प्रशासकीय कारणों एवं कुछ मामलों में स्वेच्छा के आधार पर किए गए हैं और सभी पदस्थापन आगामी आदेश तक अस्थायी रहेंगे।
— नवीन पदस्थापन अधिकारियों की सूची
श्रीमती कीर्ति मिश्रा, उपायुक्त (विकास) – उप संचालक, आयुक्त कार्यालय उज्जैन से स्थानांतरित होकर परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत उज्जैन पदस्थ।
जितेन्द्र सिंह सेंगर, उपायुक्त (विकास) – परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत आगर मालवा से परियोजना अधिकारी जिला पंचायत शाजापुर तथा अतिरिक्त प्रभार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शाजापुर।
के.के. खेडे, उपायुक्त (विकास) – मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पोषण आहार संयंत्र धार से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत किरनापुर, जिला बालाघाट।
सुश्री उषा पी. शर्मा, उपायुक्त (विकास) – परियोजना अधिकारी जिला पंचायत ग्वालियर से अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ग्वालियर एवं अतिरिक्त प्रभार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डबरा, जिला ग्वालियर।
परषोत्तम लाल यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – जनपद पंचायत लवकुश नगर, जिला छतरपुर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शहपुरा, जिला डिंडौरी।
प्रदीप दुबे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – पोषण आहार संयंत्र पहाड़िया, जिला रीवा से रायपुर कर्चुलियान, जिला रीवा।
आफीसर सिंह गुर्जर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – जनपद पंचायत विजयपुर, जिला श्योपुर से जनपद पंचायत पोहरी, जिला शिवपुरी (स्वेच्छा से)।
सुश्री मीना कश्यप, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – जनपद पंचायत खुरई, जिला सागर से जनपद पंचायत मालथौन, जिला सागर (स्वेच्छा से)।
सचिन गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – जनपद पंचायत मालथौन से जनपद पंचायत सागर, जिला सागर।
प्रदीप पाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – जनपद पंचायत खुरई से जनपद पंचायत बीना, जिला सागर।
नीतिन भट्ट, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – पोषण आहार संयंत्र देवास से जनपद पंचायत बिरसा, जिला बालाघाट।
सुश्री पूजा मालाकार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – जनपद पंचायत खरगौन से जनपद पंचायत देपालपुर, जिला इंदौर।
सुश्री मोना सक्सेना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – ईटीसी भोपाल से विकास आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश भोपाल।
दुर्गेश भूमरकर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी – जनपद पंचायत बुरहानपुर से जनपद पंचायत पृथ्वीपुर, जिला निवाड़ी।
संजय सिंह, विकास खंड अधिकारी – रायपुर कर्चुलियान, जिला रीवा से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी।
सुश्री सुरभि श्रीवास्तव, विकास खंड अधिकारी – रीवा से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मझौली, जिला सीधी।
रामपाल बघेल, विकास खंड अधिकारी – पिछौर, जिला शिवपुरी से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत गोहद, जिला भिण्ड।
सुश्री सुनिता बघेल, विकास खंड अधिकारी – बलड़ी, जिला खण्डवा से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत खकनार, जिला बुरहानपुर।
गौरव खरे, विकास खंड अधिकारी – जनपद पंचायत गुना से विकास आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश भोपाल।
सुश्री दीक्षा जैन, विकास खंड अधिकारी – वारासिवनी, जिला बालाघाट से जनपद पंचायत गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर।
रामगोपाल यादव, विकास खंड अधिकारी – लांजी, जिला बालाघाट से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत वारासिवनी, जिला बालाघाट।
श्रीमती वंदना कैथल, विकास खंड अधिकारी – खकनार, जिला बुरहानपुर से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत निवाड़ी, जिला निवाड़ी।
शासन ने स्थानांतरण नीति की कंडिका क्रमांक 42 के तहत स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त होना अनिवार्य होगा। वहीं कंडिका क्रमांक 47 के अनुसार कार्यमुक्ति और नवीन पदस्थापना के बीच किसी भी प्रकार का अवकाश केवल सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति से ही स्वीकृत किया जा सकेगा।
