मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कलेक्टर ने 08 अगस्त 2025 को मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 146 के अंतर्गत नगरीय क्षेत्र डिंडौरी की शासकीय आवास निर्माण के लिए आरक्षित भूमि पर दिए गए नियमविरुद्ध पट्टों को निरस्त करने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मौजा डिंडौरी की नजूल भूमि पर वर्ष 2023 में कई शासकीय कर्मचारियों को धारणाधिकार के तहत पट्टा प्रदान किया गया था। इनमें शीट नंबर 2 के विभिन्न प्लॉटों में मंजू द्विवेदी, सुमन बनावल, महेश प्रसाद झारिया और संध्या यादव के नाम शामिल हैं। यह भूमि पहले से ही शासकीय आवास निर्माण हेतु मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग द्वारा आरक्षित थी। इसके अलावा, शीट नंबर 6 के प्लाट नंबर 31 में अरुण अवधिया को भी पट्टा दिया गया था, जो बस स्टैंड के लिए आरक्षित जमीन है।
तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी की जांच रिपोर्ट तथा निरीक्षण के आधार पर पाया गया कि उक्त पट्टे नियमों के विरुद्ध प्रदान किए गए हैं। संबंधितों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इसलिए कलेक्टर डिंडौरी ने भू-राजस्व संहिता की धारा 146 के तहत उक्त पट्टे निरस्त करते हुए साफ निर्देश दिए हैं कि शासकीय भूमि का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शासन की आरक्षित भूमि का संरक्षण प्राथमिकता से किया जाएगा।


