डिंडौरी। जिले में अल्प वर्षा के चलते आगामी ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए कलेक्टर ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूरे डिंडौरी जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। यह आदेश 10 फरवरी 2026 से 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।
— जारी आदेश के मुताबिक
दरअसल कार्यालय कलेक्टर (राहत-विकास) द्वारा जारी निर्देश में बताया गया है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ने जिले में कम बारिश के कारण गर्मी के दौरान पेयजल संकट की आशंका जताई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश अधिनियम 2002 के तहत यह कार्रवाई की गई है।
आदेश के अनुसार, जिले के सभी सार्वजनिक जल स्रोतों का उपयोग केवल पेयजल और दैनिक जरूरतों तक सीमित रहेगा। सिंचाई, निर्माण कार्य एवं व्यवसायिक गतिविधियों के लिए पानी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही विद्युत या डीजल पंप से पानी निकालने पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा निजी नलकूप और हैंडपंप के नए खनन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनुशंसा पर अनुमति दी जा सकेगी।
प्रशासन ने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जल संरक्षण को प्राथमिकता दें और केवल आवश्यक कार्यों में ही पानी का उपयोग करें, ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचा जा सके। देखें आदेश…





