— अमनी पिपरिया माल, कुईमाल, घुरसिया, बंजारी टोला, निवारी, पिंडरूढ़ी समेत 23 गांवों में 11.22 लाख रुपये की लागत से बनेंगे भवन।
डिंडौरी । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा डिंडौरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी सौगात देते हुए 23 भवनविहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नए भवनों की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत केंद्र जिले के डिंडौरी , मेंहदवानी, शहपुरा और अमरपुर विकासखंड के विभिन्न गांवों और टोलों में स्थित हैं। इससे उन क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जहां लंबे समय से आंगनवाड़ी भवनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा जारी पत्र के अनुसार प्रत्येक आंगनवाड़ी भवन के निर्माण पर 11.22 लाख रुपये की राशि व्यय की जाएगी। इस तरह जिले के 23 केंद्रों के लिए लगभग 2.58 करोड़ रुपये की लागत से भवनों का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों के माध्यम से किया जाएगा।
स्वीकृत सूची में डिंडौरी विकासखंड के अमनी पिपरिया माल, कुईमाल, घुरसिया-4, घुरसिया-5, चिंरगांव रैयत, ठाकुरटोला, दुनियामाल, बंजारी टोला, बगहाई, मुड़िया खुर्द-2, रेलीमाल, सिलेहरी-1, केवलारी माल और जुनवानी-1 आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं। वहीं मेंहदवानी विकासखंड के सुड़गांव स्थित ईमली टोला सुड़गांव, मुलालापानी के तलहा टोला तथा पड़री टोला के हर्री टोला केंद्रों को भी स्वीकृति मिली है।
शहपुरा विकासखंड के मटवारी ग्राम पंचायत अंतर्गत निवारी और पोड़ी माल आंगनवाड़ी केंद्रों को नए भवनों की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा अमरपुर विकासखंड के पिंडरूढ़ी, बनवारीटोला, बिजौरी माल और जुनवानी क्षेत्र के सड़कटोला आंगनवाड़ी केंद्रों को भी भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई आंगनवाड़ी केंद्र अभी तक भवन के अभाव में किराए या अस्थायी स्थानों पर संचालित हो रहे थे। इससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार वितरण, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के संचालन में परेशानी होती थी। नए भवन बनने के बाद इन केंद्रों को स्थायी आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
पत्र में मंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सरपंचों और पंचायत सचिवों से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। माना जा रहा है कि इन भवनों के निर्माण से जिले के दूरस्थ गांवों में आंगनवाड़ी सेवाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद हितग्राहियों तक बेहतर ढंग से पहुंच सकेगा। देखे पूरी लिस्ट…





