— नामांतरण के बदले 40 हजार की मांग, 20 हजार लेते रीडर ट्रैप
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने तहसीलदार कार्यालय गोसपुरा, ग्वालियर में पदस्थ रीडर एवं सहायक ग्रेड-3 अनिल कुंडवारिया को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। आरोपी द्वारा एक प्लॉट के नामांतरण के एवज में 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।
— ये रहा पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जितेन्द्र पाण्डेय ने ईओडब्ल्यू ग्वालियर को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उन्होंने 930 वर्गफीट का एक प्लॉट बेचा था, जिसके नामांतरण की प्रक्रिया के लिए तहसीलदार कार्यालय गोसपुरा में आवेदन किया गया था। नामांतरण संबंधी कार्य करने के बदले कार्यालय में पदस्थ रीडर अनिल कुंडवारिया द्वारा 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने डिजिटल माध्यम से शिकायत की पुष्टि की और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू ग्वालियर के निर्देशन में निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के अनुसार जब शिकायतकर्ता ने आरोपी को 20 हजार रुपये की पहली किश्त दी, तभी ट्रैप दल ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ रासायनिक घोल में धुलवाए गए, जिसमें घोल का रंग गुलाबी हो गया। इसे रिश्वत की राशि स्वीकार करने का प्रमाण माना गया। ईओडब्ल्यू ने आरोपी से रिश्वत की रकम जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू की इस कार्रवाई को प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है।




