डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अतिरिक्त सीईओ पंकज जैन, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य राजेन्द्र कुमार जाटव सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गहन समीक्षा करते हुए 50 से 100 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों का दो दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी एवं एमपीआरडीसी विभाग द्वारा शिकायतों का समाधान नहीं किए जाने पर संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा विभाग, खाद्य आपूर्ति, जेल, नगर पालिका, निर्वाचन शाखा, परिवहन, पुरातत्व, जनपद सीईओ डिंडौरी, एमपी वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन, मनरेगा, जिला पंचायत, राजस्व, संस्थागत वित्त, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित जो विभाग सीएम हेल्पलाइन पर समय पर जवाब नहीं देंगे, उनसे प्रति शिकायत एक हजार रुपये की राशि सैनिक कल्याण कोष (झंडा दिवस कोष) में बैंक ड्राफ्ट या चेक के माध्यम से जमा कराई जाएगी।
उन्होंने सीपी ग्राम एप में सकारात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण जवाब अपलोड करने के निर्देश दिए। साथ ही मनरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति बढ़ाने एवं लेबर संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए, ताकि सभी कार्य बरसात से पूर्व पूर्ण हो सकें। जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि जेल के भीतर सिलाई मशीन, कारपेंटरी, राजमिस्त्री, पेंटिंग, गोंडी चित्रकला जैसे स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किए जाएं, जिससे कैदी रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बन सकें।
राजस्व अधिकारियों—तहसीलदार, एसडीएम, आरआई एवं पटवारियों—को लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया गया कि धरती आबा योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र हितग्राही को जोड़ा जाए। सर्मपण सेवा अभियान के तहत दिव्यांगजनों का पंजीयन कर पेंशन एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रदान कर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने पीएम किसान कुसुम सौर ऊर्जा योजना के तहत किसानों को 3 एचपी, 5 एचपी एवं 7 एचपी सोलर पंप उपलब्ध कराने हेतु नदी किनारे खेती करने वाले किसानों की सूची तैयार कर क्लस्टर आधारित कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए।
स्थानीय खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत, विकासखंड एवं जिला स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वहीं खनिज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सड़क निर्माण एजेंसियों को ऐसे स्थान उपलब्ध कराए जाएं जहां मिट्टी निकालकर तालाब निर्माण संभव हो सके। धरती आबा योजना अंतर्गत पात्र परिवारों को उज्ज्वला योजना से लाभान्वित करने, महिला एवं बाल विकास तथा सुगढ़ टूरी कार्यक्रम के अंतर्गत एनीमिया पीड़ित बच्चों की नियमित जांच, दवा एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने सभी नए पटवारियों की सेवा पुस्तिका एक सप्ताह के भीतर तैयार करने, बिना सूचना अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई करने, जनप्रतिनिधियों द्वारा भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों में तेजी लाने तथा बरसात से पहले निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग, सर्व शिक्षा अभियान एवं जनजातीय कार्य विभाग को स्कूलों में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई एवं विद्युत व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही समनापुर, बजाग, करंजिया एवं शहपुरा विकासखंडों के हाट बाजारों में जैविक उत्पादों के नियमित आयोजन पर जोर दिया गया।
राजस्व प्रकरणों—बंटवारा, सीमांकन, नामांतरण, फौतीनामा, वसूली एवं ई-केवाईसी—का समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर तहसीलदारों एवं राजस्व निरीक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में न्यायालयीन प्रकरण, समग्र आईडी, ई-केवाईसी, सीपी ग्राम, पीएम जनमन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्कूलों की साफ-सफाई एवं नगरीय निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने बताया कि नीति आयोग के निर्देशानुसार जिले के तीन विकासखंडों में 28 जनवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक सम्पूर्णता अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
