मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में हत्या के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पहले मामले में शहपुरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में दो आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी गई। वहीं दूसरे मामले में पत्नी की हत्या के दोषी पति को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया।
पिता की हत्या के मामले में दो आरोपियों को उम्रकैद
मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे के अनुसार, थाना शहपुरा के अपराध क्रमांक 536/2025 एवं सत्र प्रकरण एसटी 2/2026 में आरोपी शिवकुमार मार्को पिता भद्दा सिंह मार्को, उम्र 31 वर्ष और सिद्धू सिंह मरकाम पिता सिरपथ सिंह मरकाम, उम्र 48 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम डोभी, थाना शहपुरा पर भद्दा सिंह मार्को की हत्या करने का आरोप था।
मामले की सुनवाई द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, जिला डिंडौरी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) के तहत आजीवन कारावास एवं 3 हजार रुपये अर्थदंड तथा अर्थदंड न देने पर छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई। धारा 238(ए) के तहत दोनों को सात वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड तथा अर्थदंड न देने पर तीन माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास से दंडित किया गया। वहीं धारा 61(2) के तहत आजीवन कारावास एवं तीन हजार रुपये अर्थदंड तथा अर्थदंड न देने पर छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
नहर की पुलिया के पास मिला था शव
अभियोजन के अनुसार, 6 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे लाला मार्को ने मोबाइल पर अपने पिता की फोटो देखी, जिसमें उनके चेहरे और गर्दन पर गंभीर घाव दिखाई दे रहे थे। इसके बाद वह अपने भाई सोमनाथ और चमरू के साथ रायपुरा-चैरा रोड स्थित चैरा डेम नहर की पुलिया के पास पहुंचा। वहां भद्दा सिंह मार्को जमीन पर मृत अवस्था में पड़े मिले। उनके चेहरे और गर्दन पर गहरे कटे हुए घाव थे तथा जमीन पर खून फैला हुआ था। सूचना के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना की और साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
पत्नी की हत्या के दोषी पति को भी उम्रकैद
दूसरे मामले में थाना शाहपुर के अपराध क्रमांक 274/2023 एवं सत्र प्रकरण क्रमांक 83/2023 में आरोपी देवीलाल यादव पिता मुलवा उर्फ मोलेलाल, उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम चौरा रैयत, आरक्षी केंद्र शाहपुर, को पत्नी द्रोपती बाई की हत्या का दोषी पाया गया।
मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, जिला डिंडौरी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपी देवीलाल यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
घर में मारपीट के बाद हुई थी पत्नी की मौत
अभियोजन के अनुसार, 13 जुलाई 2023 को दोपहर 2 बजे से 15 जुलाई 2023 को सुबह 11 बजे के बीच शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चौरा रैयत के भैंसान टोला स्थित घर में देवीलाल यादव ने अपनी पत्नी द्रोपती बाई के साथ मारपीट की। आरोप था कि हत्या के आशय से लात से मारपीट करने के कारण द्रोपती बाई की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय द्वारा दोषियों को दंडित किया गया।
