डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने शनिवार को जिला जेल डिंडोरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला और पुरुष बंदियों से बातचीत की और जेल परिसर में विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। कलेक्टर ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि बंदियों को पेंटिंग, बधाई कार्ड निर्माण, सिलाई, राजगीरी जैसी आजीविका उन्मुख गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे रिहाई के बाद स्वरोजगार से जुड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।
महिला बंदियों के लिए कलेक्टर ने कंप्यूटर, सिलाई-कढ़ाई, क्राफ्ट और पेंटिंग डिजाइन जैसी कौशल आधारित ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश दिए। कुछ महिला बंदियों के पास पहले से कौशल होने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने अधीक्षक को कहा कि उनका सहयोग लेकर अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया जाए।
कलेक्टर ने रसोई कक्ष का निरीक्षण किया और आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बंदियों को बेहतर और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। जेल की दीवारों पर पेंटिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। अधीक्षक ने बताया कि कुछ कैदी स्वयं पेंटिंग करते हैं, जिस पर कलेक्टर ने उनके सहयोग से दीवारों को सजाने और उनके कार्य का उचित भुगतान करने को कहा।
इसके अलावा कलेक्टर ने कहा कि जेल में शासकीय योजनाओं का लेखन किया जाए, ताकि बंदियों को योजनाओं की जानकारी मिल सके और वे उसका लाभ उठा सकें। सभी महिला और पुरुष बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जेल में मानव अधिकारों और अपराध रोकथाम संबंधी प्रशिक्षण भी दिए जाएं, ताकि लोग अपराध से दूर रहें। उन्होंने निर्माणाधीन नवीन भवन की गुणवत्ता देखी और उसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुलाकात कक्ष, जहां रिश्तेदारों से मिलने का समय सुबह 9 से 10 बजे तक निर्धारित है, का भी अवलोकन किया। अधीक्षक ने मुख्य सड़क से जेल तक 200 मीटर सड़क पक्की कराने का आग्रह किया, जिस पर कलेक्टर ने निर्माण का आश्वासन दिया। निरीक्षण में एसडीएम सुश्री भारती मरावी, जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार, जेल अधीक्षक एल.के. कटिया, पुलिस जवान और जेल स्टाफ उपस्थित रहे।





