मध्यप्रदेश के डिंडौरी में जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत शोभापुर में मनरेगा के तहत पुलिया निर्माण कार्य में अनियमितताओं और रिश्वत मांगने के आरोप में जिला पंचायत डिंडौरी ने सख्त कार्रवाई की है।
शिकायतकर्ता केशव राय, निवासी ग्राम गाडासरई, ने 1 अगस्त को जिला पंचायत में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2023-24 में नालबाई टोला, बर के पेड़ के पास पुलिया निर्माण कार्य (वर्क आईडी 1745004026) के लिए सामग्री सप्लाई का ऑर्डर राजेश्वर ट्रेडर्स गाडासरई को दिया गया था। भुगतान प्रक्रिया के दौरान देयक 14 मई 2025 को ऑनलाइन दिख रहा था, लेकिन बाद में जनपद पंचायत की आईडी से उसे डिलीट कर दिया गया।
आरोप है कि अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (संविदा) अशोक कुडापे ने मनरेगा के नियमों का पालन न करते हुए शिकायतकर्ता से सामग्री भुगतान के एवज में अनुचित राशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसका स्क्रीनशॉट और ऑडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की।
कार्यालय जिला पंचायत द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने पर अशोक कुडापे का जवाब असंतोषजनक पाया गया। जांच में उनका कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 तथा मनरेगा संविदा सेवा शर्तों के अंतर्गत गंभीर कदाचरण, नैतिक पतन और अनुशासनहीनता की श्रेणी में पाया गया। इस पर जिला पंचायत डिंडौरी ने 8 अगस्त 2025 को आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से अशोक कुडापे की संविदा सेवा समाप्त कर दी।
