डिंडौरी। नगर परिषद डिंडौरी में अमृत 2.0 योजना के तहत किए जा रहे सीवर लाइन एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण कार्य को लेकर सामने आई शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संभावित लीकेज के कारण तालाब के पानी के प्रदूषित होने की आशंका को देखते हुए कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार पुरानी डिंडौरी स्थित डेम/तालाब के भीतर से सीवर लाइन डाली गई है, जहां कुछ स्थानों पर लीकेज की आशंका जताई गई है। इससे तालाब के पानी के प्रदूषित होने की संभावना को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति की जांच के लिए एक जांच दल गठित किया है। जांच दल को आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए नगर परिषद डिंडौरी को निर्देशित किया गया था। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय द्वारा 25 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को जांच में सहयोग करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि निर्धारित समय सीमा के बावजूद नगर परिषद की ओर से अपेक्षित जानकारी और अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), नगर परिषद डिंडौरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।




