मध्यप्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ जिला शाखा डिंडौरी ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी (CPCT) की अनिवार्यता का विरोध करते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम तहसीलदार डिंडौरी को ज्ञापन सौंपा।
संघ के जिला मीडिया प्रभारी मयंक उदेदशिया द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह चंदेल के नेतृत्व में 10 अगस्त को दोपहर 2 बजे प्रांतीय संगठन के निर्देशन में कर्मचारी तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता को समाप्त अथवा इसमें आवश्यक शिथिलता देने की मांग की।
इस दौरान संघ पदाधिकारियों ने सीपीसीटी की अनिवार्यता से संबंधित सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश की प्रति की प्रतीकात्मक होली जलाकर विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने शासन से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित अन्याय को समाप्त करने तथा 45 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को सीपीसीटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की।
संघ का कहना है कि लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता उनके लिए कठिनाई का कारण बन रही है। संगठन ने शासन से कर्मचारियों की उम्र, सेवा अवधि और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नियमों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संभागीय उपाध्यक्ष मिहीलाल धुर्वे, जिला महामंत्री गोपाल पाठक, जिला सचिव अशोक यादव, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष रुकमणी पटेल, सचिव सरिता धुर्वे, मनोज बर्मन, जिला संरक्षक भागवानी धुर्वे, श्याम उईके, मनोज यादव, जमादार महेंद्र नागेश सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे।
