— बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान, कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
डिंडौरी। जिले के ग्राम छिंदगांव में संचालित लघु सिंचाई परियोजना में करोड़ों रुपये की अनियमितता का मामला सामने आया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग के तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि परियोजना में कार्य पूर्ण किए बिना ही लगभग ₹6.89 करोड़ की राशि का भुगतान कर दिया गया। यह कृत्य न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि शासन की योजनाओं के दुरुपयोग का भी संकेत देता है।
जांच में यह भी सामने आया कि परियोजना का निर्माण संभावित डूब क्षेत्र में किया गया है, जिससे इसकी उपयोगिता संदिग्ध हो गई है। साथ ही आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां और विभागीय समन्वय भी नहीं किया गया। स्थल निरीक्षण में निर्माण कार्य अधूरा और गुणवत्ता मानकों के विपरीत पाया गया।
मामले में कार्यपालन यंत्री एस.के. शर्मा, उपयंत्री विहान शुक्ला एवं अनुविभागीय अधिकारी नारायण देशमुख को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया गया है। सभी अधिकारियों को 10 अप्रैल 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
