— प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर कार्रवाई, समीक्षा समिति की अनुशंसा के बाद जारी हुआ आदेश; जिला अध्यक्ष से लेकर मंडल, मोर्चा और प्रकोष्ठ तक सभी इकाइयां पदमुक्त
मध्यप्रदेश भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों के बाद बड़ा संगठनात्मक निर्णय लेते हुए जिला दतिया की पूरी संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा जारी आदेश में जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प एवं विभागों सहित जिला संगठन की सभी वर्तमान इकाइयों को पदमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले को उपचुनाव के बाद संगठन की जवाबदेही तय करने और नए सिरे से संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
— जारी पत्र के मुताबिक
जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश तथा दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों की समीक्षा के लिए गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जिला दतिया की वर्तमान संगठनात्मक संरचना तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है और इसके साथ ही सभी संगठनात्मक इकाइयों को पदमुक्त माना जाएगा।
इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित जिले के सभी संगठनात्मक पदाधिकारियों पर पड़ेगा। अब नई जिला कार्यकारिणी, मंडल अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन में नए चेहरों को अवसर देने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
आदेश की प्रतिलिपि राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेश सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, संबंधित सांसद एवं विधायकों सहित चंबल संभाग प्रभारी और जिला प्रभारी को भी भेजी गई है। इससे स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि यह निर्णय प्रदेश नेतृत्व की सहमति और संगठनात्मक समीक्षा के बाद लिया गया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद भाजपा संगठन में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अब राजनीतिक निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रदेश नेतृत्व दतिया जिले के लिए नई टीम का गठन कब करता है और संगठन की कमान किन नेताओं को सौंपी जाती है। माना जा रहा है कि नई कार्यकारिणी के गठन के साथ पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारियों को लेकर नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी।

