मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचे।
बैठक में अवैध परिवहन और अवैध खनन गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए स्थापित चेक पोस्टों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने तथा पेंशन, समग्र आईडी, बीज और खाद वितरण जैसे जनकल्याणकारी योजनाओं में लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने नगर परिषद और परिवहन विभाग को सीएम हेल्पलाइन की प्रगति सुनिश्चित करने तथा यात्री बसों में नियमित निरीक्षण कर फिटनेस जांच और चालानी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में एसडीएम बजाग ने जानकारी दी कि करंजिया-अमरकंटक मार्ग पर बंदरों के हमले से परिक्रमावासी और अन्य लोग घायल हो रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि करंजिया सहित जिले के सभी विकासखंडों में रेबीज और सर्पदंश के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध रहें ताकि किसी भी जोखिमपूर्ण परिस्थिति से निपटा जा सके। नल-जल योजना के तहत सड़कों पर बने गड्ढों और कीचड़ की समस्या का निराकरण करने के लिए पीएचई विभाग को कहा गया। ग्राम पंचायत शक्का में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सड़क प्राधिकरण जबलपुर के एसडीओ को अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
विद्युत सब-स्टेशन डिंडौरी में अतिक्रमण की समस्या पर कलेक्टर ने तहसीलदार और सीएमओ नगर परिषद को तत्काल अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके। साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खंभों से लटक रहे विद्युत तारों को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। नगर परिषद और यातायात पुलिस को ऑटो स्टैंड निर्धारित करने तथा मुख्य मार्ग पर घूम रहे पालतू पशुओं को कांजी हाउस में रखने के आदेश दिए, जिससे आवागमन सुगम हो और दुर्घटनाओं पर रोक लगे।
बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ बीईओ और बीआरसी अधिकारियों का स्थानांतरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े लंबित प्रकरणों को शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने, राजस्व प्रकरणों के निराकरण और वसूली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन विभागों में यह अभी शुरू नहीं हुई है, वहां शीघ्र चालू की जाए। खाद्य आपूर्ति अधिकारी और एसडीएम को वेयरहाउस का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान वनमंडल अधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वन अधिकार क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों जैसे सड़क, भवन, नाली, टंकी और नल-जल योजना आदि की अनुमति हेतु आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करें, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।




