भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘समाधान ऑनलाइन’ कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़े 12 प्रकरणों की समीक्षा की और आवेदकों से सीधे संवाद कर समस्याओं के निराकरण की स्थिति जानी।
कार्यक्रम में बालाघाट, उमरिया, देवास, भिण्ड, पन्ना, शहडोल, मऊगंज, कटनी, पांढुर्णा, टीकमगढ़, रायसेन एवं दमोह जिलों के मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया। समीक्षा में संविदा लेखापाल की सेवाओं की समाप्ति, अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने, 4 पटवारियों को निलंबित करने और 4 तहसीलदारों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने के साथ ही वन मंडलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों पर पैनी नजर रखें, योजनाओं का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और स्थानीय स्तर पर नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान हो। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा न हो कि नागरिकों को शिकायत करने के लिए सीएम हेल्पलाइन तक आने की आवश्यकता पड़े।




