Breaking News : मनरेगा–15वें वित्त में बड़ा खेल! जांच रिपोर्ट ने खोली पोल, पंचायत सचिव कटघरे में, 3 दिन में देना होगा जवाब…

Rathore Ramshay Mardan
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डिंडौरी। जिले जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर में मनरेगा एवं 15वें वित्त आयोग की राशि के दुरुपयोग के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कार्यालय, डिण्डौरी द्वारा पंचायत सचिव लक्ष्मी प्रसाद यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में तीन दिवस के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

— जारी आदेश के मुताबिक 

कलेक्टर द्वारा जारी पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत कंचनपुर के ग्रामीणों ने दिनांक 02 अगस्त 2025 को 9 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच के लिए गठित समिति ने जब प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, तो पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में पाया गया कि ज्वाप नाला एवं स्टॉप डैम के निर्माण कार्य के दौरान संबंधित अभिलेख, माप पुस्तिका, भुगतान एमबी एवं आवश्यक ड्राइंग उपलब्ध नहीं कराई गई। डैम की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की पाई गई और तकनीकी मानकों के विपरीत निर्माण किया गया। इसी प्रकार ग्राम कंचनपुर में निर्मित गेबियन संरचना तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिससे शासकीय धन के अपव्यय की स्थिति निर्मित हुई।

ग्राम डुंडीसई में निर्मित पुलिया निर्माण के संबंध में भी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। वहीं फर्जी हाजिरी के कारण मेट पद से पृथक किए गए व्यक्ति को पृथककरण के बाद भी मजदूरी भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है।

इसके अलावा जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत निर्मित तालाब के मध्य श्मशान शेड पाया गया, जबकि स्थल चयन से संबंधित ग्राम पंचायत प्रस्ताव पर किसी के हस्ताक्षर दर्ज नहीं हैं। तालाब की स्वीकृत ड्राइंग उपलब्ध न होने और बंध-वाल से लगातार रिसाव के कारण जल संरक्षण पर भी सवाल खड़े हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम सभा का आयोजन लंबे समय से नियमित रूप से नहीं किया गया।

जांच प्रतिवेदन में निर्माण कार्यों को लापरवाहीपूर्वक एवं मनमाने तरीके से कराए जाने का उल्लेख किया गया है। अभिलेख प्रस्तुत न किया जाना संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।  कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने या उत्तर असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में संबंधित सचिव के विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा नियम 1966 एवं पंचायतराज अधिनियम 1993 के तहत एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सोर्स: — कलेक्टर कार्यालय, डिण्डौरी।

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