भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने प्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में कार्यरत प्राचार्य, उप प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य एवं प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के प्रधानाध्यापकों के लिए राज्य स्तरीय 3 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह प्रशिक्षण आईकफ आश्रम, शाहपुरा भोपाल में चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा।
जारी आदेश के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होकर 9 मई 2026 तक विभिन्न बैचों में संपन्न होगा। इस प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी संभागों एवं जिलों से चयनित प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक भाग लेंगे। संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के पात्र अधिकारियों को निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण में उपस्थित कराएं।
— अनुपस्थिति पर सख्ती, सुबह 9 बजे तक पहुंचना होगा अनिवार्य
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि पर प्रातः 9:00 बजे तक उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या बिना ठोस कारण के अनुपस्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। यह प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय होगा, इसलिए प्रतिभागियों को निर्धारित अवधि तक वहीं रुकना होगा।
— डिजिटल लर्निंग पर फोकस, लैपटॉप लाना जरूरी
प्राचार्य एवं उप प्राचार्य के लिए प्रशिक्षण में लैपटॉप साथ लाना अनिवार्य किया गया है। इससे प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल मॉड्यूल, डेटा प्रबंधन एवं अन्य तकनीकी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि यह प्रशिक्षण नई शिक्षा पद्धतियों, प्रशासनिक सुधार और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
बैचवार कार्यक्रम, सभी संभाग होंगे शामिल
प्रशिक्षण को 5 बैचों में विभाजित किया गया है—
बैच 1 (16–18 अप्रैल): भोपाल संभाग के जिले
बैच 2 (21–23 अप्रैल): नर्मदापुरम, ग्वालियर, शहडोल एवं जबलपुर के चयनित जिले
बैच 3 (25–27 अप्रैल): इंदौर, उज्जैन एवं जबलपुर संभाग के कुछ जिले
बैच 4 (4–6 मई): रीवा संभाग व उज्जैन के शेष जिले
बैच 5 (7–9 मई): सागर संभाग, जबलपुर व कटनी जिले
प्रत्येक बैच में बड़ी संख्या में प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक शामिल होंगे, जिससे राज्यभर में एक समान प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर रहेगा फोकस
इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सांदीपनि विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों की प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों से अवगत कराना है। इसके माध्यम से विद्यालयों में बेहतर प्रबंधन, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। यह आदेश अपर संचालक रविंद्र कुमार सिंह द्वारा आयुक्त की स्वीकृति के पश्चात जारी किया गया है। प्रदेश के शिक्षा विभाग की इस पहल को स्कूल शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देखे आदेश


