मध्यप्रदेश के जबलपुर शिक्षक संयुक्त मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जबलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले आठों जिलों—जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में व्यापक स्तर पर आंदोलन की तैयारी पूरी कर ली गई है। यह आंदोलन प्रांतीय आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों में “शिक्षक स्वाभिमान रैली” निकाली जाएगी, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर “शिक्षक संकल्प रैली” आयोजित कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।आंदोलन का तीसरा और प्रमुख चरण 18 अप्रैल को राजधानी भोपाल में आयोजित होगा, जहां प्रदेशभर के शिक्षक मुख्यमंत्री को सीधे ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को रखेंगे।
राम कुमार गर्ग ने कहा कि टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों की आवाज अब सत्ता के गलियारों तक पहुंच रही है और इस आंदोलन को जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि संभाग के सभी जिलों में बैठकों के माध्यम से आम सहमति बनाकर आंदोलन की रणनीति तय कर ली गई है।
संभागीय अध्यक्ष ने सभी शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे ब्लॉक, जिला और राजधानी स्तर पर आयोजित रैलियों में बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने भविष्य की लड़ाई को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने और प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता लागू कराने के लिए है। उन्होंने शिक्षकों को एकजुट होने का संदेश देते हुए कहा, “यह हमारी अपनी लड़ाई है—हमें खुद लड़ना है और खुद ही जीत हासिल करनी है।”
