— सरकारी स्कूल की प्रतिभा ने सबका दिल जीता, जिले में दर्ज किया उच्च स्थान
डिंडौरी। जिले के शहपुरा विकासखंड के संकुल केंद्र मानिकपुर स्थित सरकारी स्कूल ने शिक्षा सत्र 2024-25 में न केवल अपने विद्यार्थियों की प्रतिभा की नई मिसाल पेश की बल्कि संकुल केंद्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
नवोदय चयन परीक्षा कक्षा छठवीं में जिले के लगभग 6,000 परीक्षार्थियों में से वत्सला झारिया ने अनारक्षित वर्ग से चयन पाकर जिले की प्रवीण सूची में तृतीय स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि इस स्कूल की किसी छात्रा के लिए पहली है, जिससे विद्यालय का नाम गौरवपूर्ण तरीके से चमका।
इससे पहले वत्सला झारिया ने कक्षा पांचवीं की वार्षिक परीक्षा में संकुल केंद्र में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसी स्कूल के अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं में राधिका झारिया का कक्षा छठवीं और तरुण झारिया का कक्षा नवमी के लिए आवासीय ज्ञानोदय विद्यालय, रांझी, जबलपुर में चयन हुआ।
शिक्षा सत्र 2025-26 के नवोदय चयन परीक्षा परिणाम (17 मार्च 2026) में इस स्कूल की अंशिका काछी का चयन भी हुआ है, जिससे छात्रा के परिजन और शाला परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय में तीन नियमित शिक्षक और तीन अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। संस्था प्रभारी श्री गंगा राम झारिया के कुशल मार्गदर्शन में शाला का संचालन सुचारु रूप से किया जा रहा है। प्राथमिक शिक्षक विनोद झारिया की भतीजी वत्सला झारिया ने शाला के गौरवशाली पृष्ठों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विद्यालय का यह योगदान दर्शाता है कि सरकारी स्कूल आज भी विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से उत्कृष्ट परिणाम दे सकते हैं। पालकों की सक्रिय भूमिका और शिक्षकों की रणनीति विद्यार्थियों को हर परीक्षा में सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाती है। मानिकपुर स्कूल जैसी शैक्षणिक संस्थाएं समाज में सरकारी स्कूलों के प्रति व्याप्त नकारात्मक सोच को बदलने और सकारात्मक दृष्टिकोण को कायम रखने में उदाहरण हैं।




