मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ग्वालियर की टीम ने रिश्वतखोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए कम्प्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी जूनियर इंजीनियर मौके से फरार हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम दौनी, तहसील नरवर निवासी प्रताप सिंह रावत ने 13 मार्च 2026 को ईओडब्ल्यू ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता के नाम से कृषि भूमि पर डी.पी. कनेक्शन लगवाने के एवज में म.प्र. विद्युत वितरण कंपनी करैरा में पदस्थ जेई सुरजीत मिश्रा द्वारा 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत की पुष्टि वॉइस रिकॉर्डिंग के माध्यम से किए जाने के बाद ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। 16 मार्च 2026 को निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में टीम करैरा कार्यालय पहुंची। इस दौरान जेई ने फोन पर शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि अपने कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रवीण कुशवाह को देने के लिए कहा।
जैसे ही शिकायतकर्ता ने 20 हजार रुपये की राशि प्रवीण कुशवाह को दी, ट्रैप टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। रासायनिक परीक्षण में उसके हाथ गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी जेई सुरजीत मिश्रा को भनक लग गई और वह मौके से फरार हो गया। ईओडब्ल्यू की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर ली है तथा गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। कार्रवाई में निरीक्षक मदन मोहन मालवीय, एडीपीओ अनिल कुमार लोधी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। देखें प्रेस नोट…

