LPG Vehicle Ban : 01 अप्रैल से LPG स्कूल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध,उल्लंघन पर संस्था और वाहन स्वामी दोनों पर होगा केस….

Rathore Ramshay Mardan
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बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: 1 अप्रैल से जिले के सभी शासकीय-अशासकीय विद्यालयों में LPG वाहन प्रतिबंधित

 

मध्यप्रदेश के जबलपुर में विद्यार्थियों की सुरक्षित विद्यालय परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए जिला जबलपुर में संचालित सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में एलपीजी गैस से संचालित वाहनों से विद्यार्थियों के परिवहन पर 01 अप्रैल 2026 से पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।

 

जारी आदेश के मुताबिक 

 बता दें कि डीएम के द्वारा आदेश में कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय 14 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक के बाद लिया गया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गेहलोत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संतोष शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जिले के सीबीएसई, आईसीएसई एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।

 

बैठक में विद्यालय परिवहन सुरक्षा की विस्तृत समीक्षा के बाद विद्यार्थियों के हित में यह निर्णय लिया गया कि 01 अप्रैल 2026 के पश्चात किसी भी विद्यालय द्वारा एलपीजी संचालित वाहन से छात्र-छात्राओं का परिवहन कराना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सभी विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित तिथि से पूर्व एलपीजी वाहनों के स्थान पर वैधानिक रूप से अनुमन्य एवं फिटनेस प्रमाणित वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

 

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को विद्यालय वाहनों का सत्यापन कर एलपीजी संचालित वाहनों की पहचान करते हुए आवश्यक नियामकीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश से जिले के सभी विद्यालयों को अवगत कराने तथा अनुपालन प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय को प्रस्तुत कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

पुलिस अधीक्षक एवं यातायात पुलिस को विद्यालय समय में औचक निरीक्षण कर आदेश के पालन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन की स्थिति में संबंधित विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन स्वामी के विरुद्ध प्रचलित विधि अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। देखें आदेश…

 

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