डिंडौरी। जिले में अल्प वर्षा के चलते ग्रीष्म ऋतु के दौरान संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण डिंडौरी जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
यह आदेश 10 फरवरी 2026 से 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश के तहत जिले के समस्त सार्वजनिक जल स्रोतों से पानी का उपयोग केवल पेयजल एवं दैनिक घरेलू आवश्यकताओं के लिए ही किया जा सकेगा। सिंचाई, निर्माण कार्यों एवं किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों में जल उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही विद्युत अथवा डीजल से जल लिफ्ट करना भी प्रतिबंधित किया गया है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में निजी नलकूप एवं हैंडपंप खनन पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनुशंसा पर अनुमति दी जा सकेगी।
आदेश के सख्त पालन को सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के समस्त थाना प्रभारियों को सूचित कर प्रतिबंधित गतिविधियों में जल उपयोग करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से जल संरक्षण में सहयोग करने और निर्धारित अवधि में नियमों का पालन कर पेयजल संकट से निपटने में प्रशासन का साथ देने की अपील की है।
सोर्स:— जनसम्पर्क विभाग डिंडौरी।
