डिंडौरी। जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में 6 फरवरी को कलेक्टर सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स वनमण्डल समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस नर्मदा नदी के तट के दोनों ओर पांच-पांच किलोमीटर की परिधि में स्थित अतिक्रमित वन क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराने, वन-राजस्व ग्राम सीमाओं से जुड़े विवाद सुलझाने, और वनाधिकार अधिनियम (एफसीए) 1980 एवं 2006 के तहत प्रकरणों पर विचार-विमर्श करना था।
इसके अलावा बैठक में वन ग्राम से राजस्व ग्राम परिवर्तन, वनभूमि पर हुए अतिक्रमण, वनक्षेत्र क्रमांक 634 में राजस्व विभाग द्वारा जारी पट्टों, और CFRR एवं IFR से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर ने वनग्राम घुण्डीसरई के 21 ग्रामवासियों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन अधिकार पत्र देने का निर्देश दिया। साथ ही बसनिया बहुउद्देशीय परियोजना के लिए प्रस्तावित वन भूमि को पहले गैर-वन भूमि बनाने के लिए चैकलिस्ट तैयार करने और संबंधित हितग्राहियों के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीएफओ अशोक सोलंकी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव, एसडीओ फॉरेस्ट सुरेन्द्र जाटव और खनिज अधिकारी अशोक नागले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नर्मदा नदी और वन क्षेत्र का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में समन्वित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सोर्स:—जनसम्पर्क विभाग डिंडौरी।


