डिंडौरी। माँ नर्मदा की अपार कृपा और आशीर्वाद के साथ धर्मपुरी जी महाराज द्वारा लिया गया दिव्य संकल्प निरंतर आगे बढ़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर को अमरकंटक स्थित ‘माई की बगिया’ से उन्होंने माँ नर्मदा की संपूर्ण परिक्रमा हाथों के बल करने का अद्वितीय और कठिन संकल्प लिया था। यह आध्यात्मिक तपस्या क्षेत्रभर में आस्था का केंद्र बन गई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार सोमवार को धर्मपुरी जी महाराज वर्तमान में डिंडौरी नगर से लगभग 3 किलोमीटर दूर परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते दिखाई दिए। यहाँ समाजसेवी हरिहर पाराशर के द्वारा धर्मपुरी जी महाराज का आत्मीय स्वागत कर विधिवत सम्मान किया गया । इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी महाराज के इस कठिन आध्यात्मिक संकल्प और अध्यात्मिक साधना को नमन करते हुए उनके सफल परिक्रमा की कामना की।
यात्रा के दौरान उनके साथ दो सहयोगी साथी और एक श्वान निरंतर सहभागी बने हुए हैं, जो इस परिक्रमा को और भी विशेष व प्रेरणादायी बनाता है। मार्गभर श्रद्धालु उनके दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं और माँ नर्मदा से उनके स्वास्थ्य, ऊर्जा और संकल्प की निरंतरता हेतु प्रार्थना कर रहे हैं। क्षेत्र में इस परिक्रमा को लेकर उत्सुकता और आस्था दोनों ही चरम पर हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माँ नर्मदा की असीम कृपा से यह अद्भुत परिक्रमा सफलतापूर्वक पूर्ण होगी और यह अध्यात्म, दृढ़ निश्चय और भक्ति का अनुपम उदाहरण बनकर समाज को प्रेरणा देती रहेगी।




