डिंडौरी।जिले की आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने गुरुवार को सुबह 11 बजे शासकीय जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं बेहद लचर पाई गईं, जिस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
कलेक्टर ने ओपीडी, डॉक्टर कक्ष, इमरजेंसी, दवा वितरण कक्ष, प्रसूति कक्ष, एनआरसी, सिटी स्कैन सेंटर, एक्स-रे, लैब, आयुष्मान कार्ड कक्ष, महिला एवं पुरुष वार्ड, दंत एवं मानसिक रोग कक्ष सहित सिविल सर्जन कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान सिविल सर्जन सहित कई डॉक्टर अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।
कलेक्टर ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर डॉ. धनराज, डॉ. सुरेश मरावी, डॉ. मिनी मोरवी, डॉ. शिवम, सिविल सर्जन डॉ. अजय राज, डॉ. रंगारे, डॉ. अमित जैन, बीएमओ डॉ. कमलेश राज एवं अस्पताल प्रबंधक श्री योगेन्द्र उइके को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत गोयरा निवासी सूरज लाल, जो चार दिनों से पुरुष वार्ड में भर्ती थे, ने इलाज एवं डॉक्टर राउंड न होने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने तत्काल डॉक्टर को बुलवाकर उपचार शुरू कराया और पूर्ण स्वस्थ होने तक अस्पताल में रहने की सलाह दी।
वहीं अमरपुर निवासी श्रीमती दीपाली खांडे अपने 9 माह के बच्चे का टीकाकरण कराने पांच दिनों से भटकती मिलीं। वैक्सीन प्रभारी की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधक को तत्काल तलब कर कड़ी फटकार लगाई। आयुष्मान कार्ड कक्ष में भी अव्यवस्था पाए जाने पर कलेक्टर ने कक्ष को अस्थायी रूप से बंद कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सिविल सर्जन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि गरीब और आमजन इलाज की आस लेकर अस्पताल आते हैं, लेकिन जिम्मेदारी से लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी अनुपस्थित डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही निर्माणाधीन एनआरसी कक्ष एवं जल निकासी नाली का निरीक्षण कर सब इंजीनियर को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों व पालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एक्सपायरी दवाओं की जांच कर स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए।




