डिंडौरी। नव नियुक्त कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अपनी पहली जनसुनवाई में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक दिव्यांग छात्र की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। ग्राम पंचायत मुढियाकला जनपद पंचायत डिंडौरी के निवासी सुग्रीव पिता प्रेमलाल, जो सुनने में असमर्थ और पैरों से दिव्यांग हैं, अपनी समस्या लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे।

कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को निर्देश दिए कि सुग्रीव के कान की जांच कराकर आवश्यक कान की मशीन और व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि आवेदक की दिव्यांगता का पुनः परीक्षण कर उचित प्रतिशत निर्धारित करते हुए दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
सुग्रीव वर्तमान में कॉलेज का छात्र है और उसने जनसुनवाई में अपनी पढ़ाई पूरी कर एक दिन कलेक्टर बनने की इच्छा भी व्यक्त की। उसकी लगन और जज्बे से प्रेरित होकर कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने उसे शुभकामनाएं दीं। सुग्रीव और उसके पिता ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया एवं जिला पंचायत सीईओ के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि आज हमें प्रशासन की संवेदनशीलता पर गर्व महसूस हुआ।





