मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में संचालित सक्षम कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब जनशिक्षकों को मॉनिटरिंग की कमान सौंप दी गई है। जिला कार्यक्रम समन्वयक महारन प्रताप सिंह परमार के निर्देशन में आयोजित परिचालन बैठक में ब्लॉक प्रबंधक प्रवीण उपाध्याय और नीरज तिवारी ने जनशिक्षकों को मॉनिटरिंग टूल्स, मूल्यांकन मानदंड एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक के बाद तय किया गया कि प्रत्येक जनशिक्षक अपने-अपने शिक्षण केंद्रों का साप्ताहिक स्थलीय निरीक्षण करेंगे। वे गतिविधियों के रिकॉर्ड का मूल्यांकन कर रीयल टाइम फीडबैक देंगे, ताकि कार्यक्रम के निष्पादन में पारदर्शिता बनी रहे और समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
संकुल स्तर पर SQMF (स्कूल क्वालिटी मॉनीटरिंग फ्रेमवर्क) के तहत जनशिक्षक जॉइंट विजिट कर मॉडल सक्षम विद्यालयों का चयन करेंगे। साथ ही, संकुलवार बैठकों में कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा होगी। इस प्रक्रिया से प्रत्येक संकुल के विद्यालयों को सक्षम मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और 21वीं सदी के जीवन कौशल विकसित करने के उद्देश्य से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग और मैजिक बस इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सक्षम कार्यक्रम के इस प्रयास से जनजातीय छात्र-छात्राओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


