भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद ने मनरेगा योजना अंतर्गत जनपद पंचायतों में रिक्त सहायक यंत्री पदों पर कार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। परिषद की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब रिक्त पदों का प्रभार समीपस्थ उपसंभाग के सहायक यंत्री अथवा अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को ही दिया जाएगा।
आदेश में कहा गया है कि किसी भी अधिकारी के पास दो से अधिक जनपद पंचायतों का प्रभार नहीं होना चाहिए। वहीं, यदि जिला स्तर पर सहायक यंत्री अथवा अनुविभागीय अधिकारी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध न हों, तो निर्धारित शर्तों के आधार पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उपयंत्रियों को प्रभार सौंपा जाएगा।
जारी आदेश में यह मापदंड तय किए गए हैं कि — डिग्रीधारी उपयंत्री को न्यूनतम 8 वर्ष की सेवा अवधि पूरी करनी होगी। डिप्लोमाधारी उपयंत्री के लिए न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि अनिवार्य होगी। जिन उपयंत्रियों की सेवा अवधि इससे कम है, उन्हें प्रभार नहीं दिया जाएगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रभार मिलने के बाद उपयंत्री केवल प्रभारी सहायक यंत्री के रूप में कार्य करेंगे। वे उपयंत्री के रूप में समानांतर कार्य नहीं कर सकेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।




