मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के विकासखंड करंजिया में कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और सर्पदंश बचाव पर विशेष चर्चा हुई।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि – सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमासिक पर पंजीयन अनिवार्य रूप से हो। प्रत्येक गर्भवती महिला की संस्था में चार एएनसी जांचें कराई जाएं। पंजीकृत महिलाओं का डाटा अनमोल पोर्टल पर समय पर दर्ज किया जाए। सीएचओ को गर्भवती माताओं की तृतीय और चतुर्थ जांच सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने पंजीयन में आ रही समग्र समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और सीएचओ को गांव-गांव जाकर सर्पदंश से बचाव की जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को झाड़-फूंक कराने के बजाय तुरंत 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए।
लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्ती
बैठक के दौरान रैतवार, जाडासूरूंग और भुसण्डा क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम में लापरवाही सामने आई। इस पर कलेक्टर ने नाराज़गी जताते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजनों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


