मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के अमरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलासर में सरपंच पति बुदेश्वर बनवासी के हस्तक्षेप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम की दुर्गा स्व सहायता समूह (आजीविका) ने कलेक्टर डिंडौरी को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि पंचायत के कार्यों में सरपंच पति की दखलअंदाजी से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
समूह ने बताया कि वर्ष 2024 से उन्हें ग्राम के आवास टोला स्थित शासकीय तालाब (खसरा नं. 303, रकबा 0.43) में पांच वर्ष के लिए मछली पालन का अधिकार मिला हुआ है। समूह लगातार मछली पालन कर रहा है और अभी तक एक भी मछली नहीं निकाली गई है। लेकिन सरपंच पति के दबाव में उनके भाई खेमू बनवासी ने 24 जुलाई 2025 को बिना अनुमति तालाब में मछली का बीज डलवा दिया।
आवेदक समूह का कहना है कि जब उन्होंने पंचायत के पदाधिकारियों से इसका कारण पूछा तो उन्हें कहा गया कि समूह को दिया गया प्रस्ताव फर्जी है। जबकि हकीकत यह है कि ग्राम पंचायत ने विधिवत प्रस्ताव पारित कर उन्हें पांच वर्षों के लिए तालाब सौंपा था।
समूह ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत के कामकाज में सरपंच पति के अनाधिकृत हस्तक्षेप की जांच की जाए और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी बंद हो और स्व सहायता समूह को न्याय मिल सके।



