मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में बेहतर शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल ने संलग्नीकरण (अटैचमेंट) व्यवस्था पूरी तरह समाप्त करने के आदेश जारी किए थे। आदेश के बाद कलेक्टर डिंडौरी ने भी समय-सीमा बैठक में संबंधित विभागों को पालन प्रतिवेदन कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद सर्व शिक्षा अभियान, जिला शिक्षा केंद्र डिंडौरी में आधे से अधिक जनशिक्षक, बीएसी और बीआरसी अब भी संलग्न हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा था कि रिक्त पदों की पूर्ति प्रतिनियुक्ति के माध्यम से की जाए, ताकि संलग्न शिक्षकों के स्थान पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति संभव हो सके। लेकिन संलग्नीकरण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
इतना ही नहीं, आयुक्त एवं कलेक्टर ने संलग्न शिक्षकों के वेतन आहरण पर रोक लगाने और उनके मूल पदस्थ संस्था से ही वेतन आहरण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आदेशों की अनदेखी करते हुए संलग्न शिक्षकों का वेतन जारी किया जा रहा है।
इस लापरवाही से संलग्न शिक्षकों के हौसले और भी बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि संलग्नीकरण और वेतन आहरण में शामिल अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि शासन के आदेशों का सख्ती से पालन हो और संलग्नीकरण व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो सके।

