— ट्रक ड्राइवर से कथित वसूली और वीडियो बनाने पर सरकारी वाहन लेकर जाने का मामला, एसपी आशीष खरे ने जारी किया आदेश
डिंडौरी। बजाग थाना क्षेत्र में ट्रक चालक से कथित वसूली और इस दौरान वीडियो बनाए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। एसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार बजाग थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक कृष्णानंद सिंह और सहायक उपनिरीक्षक अशोक उसराठे को थाना बजाग से हटाकर रक्षित केंद्र डिंडौरी भेजा गया है।
जारी आदेश में दोनों पुलिसकर्मियों की नवीन पदस्थापना रक्षित केंद्र डिंडौरी की गई है। वहीं सउनि. रामरतन झारिया को रक्षित केंद्र डिंडौरी से थाना बजाग में पदस्थ किया गया है। आदेश में प्रशासनिक दृष्टिकोण से इन पुलिसकर्मियों को उनके नाम के सामने अंकित स्थान पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से कार्य करने के लिए पदस्थ किए जाने का उल्लेख है
वीडियो सामने आने के बाद गरमाया था मामला
बताया गया कि मामला उस समय सामने आया जब ट्रक चालक अमित गुप्ता ने बजाग थाना पुलिस पर वसूली का आरोप लगाया। चालक का आरोप था कि जब उसने कथित वसूली का विरोध करते हुए मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो पुलिसकर्मियों की गतिविधियां कैमरे में कैद हो गईं।
आरोप यह भी है कि वीडियो बनाए जाने के बाद सहायक उपनिरीक्षक अशोक उसराठे सरकारी वाहन लेकर मौके से चले गए, जबकि उपनिरीक्षक कृष्णानंद सिंह वहीं रह गए। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत
ट्रक चालक द्वारा पूर्व में भी वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी दर्ज कराई गई थी। बताया जा रहा है कि शिकायत की जांच लंबित है।
थाना प्रभारी की भूमिका पर भी उठे सवाल
पूरे मामले के बाद बजाग थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जारी आदेश में कोई उल्लेख नहीं है। ऐसे में अब पुलिस विभाग की आगे की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
एसपी के आदेश से स्पष्ट है कि बजाग थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को हटाकर रक्षित केंद्र भेजा गया है, जबकि रक्षित केंद्र से एक अधिकारी को बजाग थाना भेजा गया है। वसूली के आरोपों की जांच में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
— वायरल वीडियो
