— गीतों और केक कटिंग के साथ सांदीपनि मॉडल स्कूल धनुआसागर में मनाया गया शिक्षक दिवस समारोह
डिंडौरी। शिक्षक दिवस के अवसर पर सांदीपनि मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनुआसागर में विद्यार्थियों ने उत्साह और सम्मान के साथ समारोह आयोजित किया। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों को फूलों के गुलदस्ते, पेन और डायरी भेंट कर उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों ने केक काटकर शिक्षक दिवस की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गुरुजनों के सम्मान में गीतों की प्रस्तुति देकर उनके प्रति आभार जताया। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा चुनने, अनुशासन और संस्कारों के साथ आगे बढ़ने तथा अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं।
गीतों से बयां किया गुरु का महत्व
विद्यार्थियों की गीत प्रस्तुतियों ने समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा की भावना को जीवंत कर दिया। बच्चों ने अपने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता-पिता के बाद शिक्षक की भूमिका उनके जीवन में बेहद महत्वपूर्ण होती है। शिक्षकों के ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन से ही विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा मिलती है।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों द्वारा किए गए सम्मान के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का स्नेह और सम्मान ही शिक्षक के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने बच्चों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अंकिता चंदेल ने बताया शिक्षक दिवस का महत्व
कक्षा 9वीं की छात्रा अंकिता चंदेल ने शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को देश के महान शिक्षाविद और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार मानते थे।
अंकिता ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें सही मार्ग चुनने, अनुशासन बनाए रखने और अच्छे संस्कारों के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। यही कारण है कि विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक का स्थान सदैव सर्वोच्च और सम्माननीय रहता है। विद्यालय में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। गुरुजनों के सम्मान, गीतों और विद्यार्थियों के भावपूर्ण संदेशों से विद्यालय का वातावरण उत्साहपूर्ण और भावुक नजर आया।



