भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर 169 सूबेदार/कार्यवाहक रक्षित निरीक्षकों को रक्षित निरीक्षक के पद पर पदोन्नत करने का आदेश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी आदेश में पदोन्नत कर्मचारियों को रिक्त पदों पर स्थापना देते हुए आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा आयोजित रिव्यू डीपीसी के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की गई। पदोन्नत पुलिसकर्मियों को वर्तमान पदस्थापना के आधार पर वरिष्ठता सूची क्रम में रक्षित निरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। पदोन्नति के बाद उन्हें वेतनमान 9300-34800+4200 के स्थान पर मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल-10 में कार्यभार ग्रहण करने के दिन से पदस्थ माना जाएगा।
जारी सूची में हेमंत कुमार पटेल को सागर, चंदन खटिक को इंदौर (यू), कोमल मीणा को झाबुआ, यीना राहंगडाले/भगत को बालाघाट, नीतू अवस्थी को शिवपुरी, सोनम पराशर को ग्वालियर, राहुल सिंह ठाकुर को जबलपुर, रितेश वाघेला को विदिशा, गेलेंद्र कुमार नागेश को मंडला, सपना त्रिपाठी को भोपाल-यू, वंदना कुशवाह/राजावत को ग्वालियर, सुनील सिकरिया को भोपाल-यू, जितेंद्र रावतकर को सिवनी, अरुण परमार को इंदौर (यू) तथा सोनू बाजपेयी को ग्वालियर पदस्थ किया गया है।
सूची के अगले क्रम में वर्षा गौर को जीआरपी इंदौर, रोशनी केशरवानी को जबलपुर, कमला कुशवाहा को छिंदवाड़ा, सीमा तिवारी को डायल-100, निकिता प्रजापति को पीटीआरआई भोपाल, ज्योति सूर्यवंशी को खंडवा, आइना साहिबा को अशोकनगर, ज्योति ठाकुर को नरसिंहपुर, आकांक्षा द्विवेदी को उज्जैन, संगीता कनेश को इंदौर (यू), सोनम उइके को कटनी, दीपिका डावर को शाजापुर, सुराज जमरा को होशंगाबाद, रूमा टेकाम/सिरसाम को जबलपुर तथा सुरेश सिसोदिया को नीमच में पदस्थ किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पदोन्नत लोक सेवक के विरुद्ध विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण अथवा ऐसा दंड प्रभावशील है जिससे पदोन्नति प्रभावित होती हो, तो संबंधित को पदोन्नति पर कार्यमुक्त करने से पहले पुलिस मुख्यालय को तत्काल अवगत कराना होगा। ऐसे मामलों में पदोन्नति के बाद कार्यमुक्त करने की जिम्मेदारी संबंधित इकाई प्रमुख की होगी।
इसके अलावा, जिन कर्मचारियों को मूलभूत प्रशिक्षण उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें पदोन्नति पर कार्यमुक्त करने से पहले पुलिस मुख्यालय को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि पदोन्नत शासकीय सेवकों को वेतन निर्धारण के लिए मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2025 के नियम 13 के अनुसार आदेश प्राप्त होने की तारीख से एक माह के भीतर विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
पुलिस मुख्यालय ने यह पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 और भविष्य में सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट द्वारा पारित होने वाले आदेशों के अधीन रखी हैं। आदेश पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) हरिनारायणचारी मिश्र के हस्ताक्षर से 31 अगस्त 2026 को जारी किया गया है।

