डिंडौरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित मॉनीटरिंग के दौरान चार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं मिलने पर उनके सात दिनों का वेतन (नो वर्क-नो पे) रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं गर्भवती महिला को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही पाए जाने पर तीन स्वास्थ्यकर्मियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सार्थक ऐप के माध्यम से नियमित निगरानी की जा रही है। बुधवार को हुई समीक्षा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर फुलवाही की सीएचओ वर्षा देवी ठाकुर, पड़रिया माल की सीएचओ हीना बानो, केवलारी की सीएचओ पूनम मैदा तथा खाम्हामाल की सीएचओ निधि कोलारे की सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। साथ ही निर्धारित लोकेशन से उपस्थिति दर्ज नहीं करने के कारण चारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिवस का अवैतनिक अवकाश (लीव विदाउट पे/नो वर्क-नो पे) स्वीकृत किया गया।
इसके अलावा विकासखंड करंजिया के ग्राम सोनतीरथ स्थित उपस्वास्थ्य केन्द्र चौरादादर में एक गर्भवती महिला को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने के मामले में सीएचओ करतार सिंह, एएनएम मालती मार्को तथा आशा कार्यकर्ता अहिल्याबाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित मॉनीटरिंग जारी रहेगी और कर्तव्य के प्रति उदासीनता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




