डिंडौरी। जिले में कृषि नवाचार और परंपरागत फसलों के संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी “मिलेट्स क्वीन” लहरी बाई को डिंडौरी जिले की जिला स्तरीय ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया द्वारा की गई। नियुक्ति का औपचारिक पत्र अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बजाग रामबाबू देवांगन ने लहरी बाई के निज ग्राम पहुंचकर उन्हें सौंपा।
लहरी बाई मध्यप्रदेश की बैगा जनजाति से संबंध रखने वाली एक साधारण कृषक महिला हैं, जिन्होंने अपने असाधारण कार्यों से देश-विदेश में डिंडौरी जिले को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने पारंपरिक मिलेट्स (श्रीअन्न) की 150 से अधिक किस्मों के बीजों का संरक्षण कर एक अनूठा बीज बैंक स्थापित किया है। यह प्रयास जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के दौर में टिकाऊ और पोषणयुक्त कृषि का मजबूत उदाहरण है।
मिलेट्स के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए लहरी बाई को वर्ष 2021-22 में “पादप जीनोम संरक्षक किसान सम्मान” से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित “इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स-2023” में भी उन्हें ब्रांड एम्बेसडर के रूप में मान्यता मिली थी।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य मोटे अनाजों के उत्पादन को प्रोत्साहित करना, किसानों की आय में वृद्धि करना, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। लहरी बाई को जिला ब्रांड एम्बेसडर बनाए जाने से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को डिंडौरी जिले में नई गति मिलने की उम्मीद है। वे किसानों, विशेषकर आदिवासी समाज और महिला किसानों को मिलेट्स की खेती, बीज संरक्षण एवं बाजार से जोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
इस अवसर पर कृषि उपसंचालक सुश्री अभिलाषा चौरसिया ने कहा कि लहरी बाई का जीवन और कार्य जिले के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सहभागिता से डिंडौरी में श्रीअन्न आधारित कृषि को मजबूती मिलेगी और योजना का प्रभावी लाभ किसानों तक पहुंचेगा। लहरी बाई की यह नियुक्ति डिंडौरी जिले के लिए गर्व का क्षण है। उम्मीद की जा रही है कि उनके मार्गदर्शन में किसान पुनः परंपरागत फसलों की ओर लौटेंगे, जिससे आय में वृद्धि के साथ-साथ पोषणयुक्त और टिकाऊ कृषि व्यवस्था सशक्त होगी।




