मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला मुख्यालय के समीप बायपास रोड स्थित सामुदायिक भवन में रविवार को संत रामपाल महाराज के अनुयायियों द्वारा एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत रामपाल महाराज के प्रवचनों को वीडियो माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिनमें धर्मग्रंथों की गहन व्याख्या एवं उनके जीवन में व्यावहारिक महत्व को समझाया गया।
सत्संग के दौरान बताया गया कि संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देना ही नहीं है, बल्कि सामाजिक बुराइयों का अंत कर एक आदर्श मानव समाज की स्थापना करना भी है। प्रवचनों में विशेष रूप से नशामुक्त समाज, भ्रूण हत्या पर रोक, दहेज प्रथा उन्मूलन, मांसाहार एवं भ्रष्टाचार जैसी कुरीतियों से मुक्ति पर बल दिया गया। साथ ही जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त कर शांति, भाईचारा और समानता पर आधारित समाज बनाने की प्रेरणा दी गई।
इस अवसर पर 11 प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया, जिनमें दहेज का अंत, नशामुक्त और मांसाहार मुक्त भारत, भ्रूण हत्या रोकना, पाखंडवाद और जातिगत भेदभाव का खात्मा, शांति-भाईचारा स्थापित करना, भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाना और मानव समाज में आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार प्रमुख रहे।
सत्संग समारोह में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने संत रामपाल महाराज की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और नशामुक्त व भ्रष्टाचार मुक्त समाज निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि संत रामपाल जी का मार्गदर्शन समाज को नई दिशा देने वाला है और उनके विचारों से ही वास्तविक सुख, शांति और भाईचारा संभव है।
