डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में अशासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड सहित अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूलों की नवीन मान्यता, अपग्रेडेशन और सत्र 2027-28 के नवीनीकरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्य और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर ने बीईओ और बीआरसी को निर्देश दिए कि सभी विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत आधार अपडेट, अपार आईडी निर्माण और कक्षा 1 से 8 तक 100% नामांकन की जानकारी 30 अप्रैल 2026 तक एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अपलोड की जाए।
उन्होंने निजी स्कूलों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित फीस से अधिक शुल्क अभिभावकों से न वसूले। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी विद्यालयों को शासन के नियमों के पालन का शपथ पत्र पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्कूल केवल 10 माह की पढ़ाई के अनुसार ही फीस लें और किसी भी प्रकार की मनमानी वसूली न करें। विद्यार्थियों के आधार कार्ड व अन्य आवश्यक दस्तावेजों का संपूर्ण रिकॉर्ड भी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
— स्कूल वाहनों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सख्ती
निजी विद्यालयों में संचालित वाहनों को लेकर कलेक्टर ने कहा कि सभी वाहन चालक निर्धारित मानकों के अनुरूप योग्य हों और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
— किसी एक दुकान से खरीदारी के लिए दबाव नहीं
विद्यालयों को निर्देशित किया गया कि वे विद्यार्थियों को किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य न करें, बल्कि अभिभावकों को स्वतंत्रता दी जाए।
— बाल सुरक्षा पर विशेष जोर
हर स्कूल में बाल सुरक्षा समिति और पॉक्सो समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। साथ ही स्कूल के मुख्य द्वार पर बाल सुरक्षा, यौन शोषण से संरक्षण और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दिशा-निर्देशों से जुड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा योग्य शिक्षकों की नियुक्ति, लाइब्रेरी और खेल मैदान की उपलब्धता तथा शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के नियमित संचालन को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सुमन परस्ते, डीपीसी श्वेता अग्रवाल सहित बीईओ, बीआरसी, प्राचार्य और अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
