Panchayat PESA Mobilizer News : मानदेय को तरसे पेसा मोबिलाइजर्स, 6 माह से भुगतान लंबित, 13 माह से इंतजार कर रहे नए कर्मचारी…

Rathore Ramshay Mardan
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प्रदेश की 5254 ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों का आरोप—सरकार के वादे कागजों तक सीमित, आर्थिक संकट गहराया

 

 

भोपाल। मध्यप्रदेश की 20 जिलों के 89 ब्लॉकों की 5254 ग्राम पंचायतों में काम करने वाले पेसा मोबिलाइजर्स आज भी आर्थिक और मानसिक शोषण झेल रहे हैं। लगातार 6 माह से पुराना और नए मोबिलाइजर्स को 13 माह से मानदेय नहीं मिला है।

 

 

प्रदेश संयोजक राजाराम साहू ने बताया कि यह कर्मचारी सिर्फ 4000 रुपये मासिक मानदेय पर काम कर रहे हैं, सीमित अधिकारों और लगातार दबाव के बीच सरकार की योजनाओं को धरातल पर लागू करने का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। इसके बावजूद, समय पर भुगतान न मिलने और अधिकारों की अनदेखी के कारण उनकी स्थिति दयनीय बनी हुई है।

 

 

साहू ने सवाल उठाया कि जब सरकार अपने कर्मचारियों को “परिवार का हिस्सा” बताती है, तो आखिर उनके अधिकारों की चिंता क्यों नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि आदेश और घोषणाएं केवल कागज पर ही रह गई हैं, व्यावहारिक रूप से अब तक कार्यान्वित नहीं हुई हैं।

 

 

पेसा मोबिलाइजर्स का कहना है कि उन्हें बार-बार सरकारी तंत्र और अधिकारियों द्वारा परेशान किया जाता है। बजट की कमी, स्थानीय राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक उदासीनता के चलते वे केवल काम करने के लिए बाध्य हैं । राजाराम साहू ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मानदेय और अधिकारों की मांग पूरी नहीं हुई, तो राज्य भर में पेसा मोबिलाइजर्स संगठित होकर आंदोलन पर उतर सकते हैं।

 

 

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