भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने शिक्षकों एवं अन्य लोक सेवकों के अवकाश लेखों के ऑनलाइन संधारण को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब सभी शासकीय शिक्षकों के अवकाश आवेदन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया एजूकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से की जाएगी।
आदेश में बताया गया है कि मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 जारी किए गए हैं, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगे। इन नए नियमों के तहत शासकीय लोक सेवकों के अवकाश आवेदन एवं स्वीकृति की कार्यवाही ऑनलाइन प्रणाली से की जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि शिक्षकों के अवकाश से संबंधित समस्त जानकारी हमारे शिक्षक ऐप के जरिए एजूकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज की जाएगी। इसके तहत सभी शिक्षकों के अद्यतन अवकाश लेखा को 25 दिसंबर 2025 की स्थिति में पोर्टल पर ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा।
निर्देशानुसार यह कार्य संकुल प्राचार्य के स्तर से किया जाएगा और इसकी अंतिम तिथि 3 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। अवकाश लेखा की प्रविष्टि से पहले ई-सेवा पुस्तिका में दर्ज जानकारी का सत्यापन करना भी आवश्यक होगा, ताकि कोई त्रुटि न रहे।
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही पूर्ण न करने की स्थिति में इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्यों को अपने-अपने अधीनस्थ संस्थानों में कार्यरत समस्त लोक सेवकों की जानकारी समय पर और त्रुटिरहित रूप से अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि राज्य शिक्षा केंद्र, संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) एवं समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयकों को भी सूचनार्थ भेजी गई है। यह व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों के अवकाश प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और अवकाश संबंधी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो
