डिंडौरी। मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देशानुसार जिले में चल रहे भू-अभिलेखों के संधारण एवं स्कैनिंग कार्य की प्रगति का शुक्रवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भू-अभिलेख शाखा, भू-अभिलेख कार्यालय और स्कैनिंग कक्ष का अवलोकन कर कार्य की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान भू-अभिलेख अधिकारी ने बताया कि जिले में खसरा, बी-1, जमाबंदी बी-1, नामांतरण पंजी, अधिकार अभिलेख, री-नंबरिंग सूची, निस्तार पत्रक, वाजिब-उल-अर्ज, राजस्व न्यायालयीन प्रकरण रजिस्टर, सी-2 रजिस्टर, भूमि पर लगाए गए डायवर्सन एवं किराए के रिकार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
16 सितंबर 2025 से प्रारंभ हुए इस कार्य के तहत अब तक 1 लाख 53 हजार 354 अभिलेखों की स्कैनिंग पूर्ण की जा चुकी है, जबकि जिले में कुल 20 लाख अभिलेखों का स्कैनिंग कार्य किया जाना है। अधिकारियों ने बताया कि आगामी 10 दिनों के भीतर यह कार्य पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्कैनिंग कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि 2011-12 से पूर्व के सभी अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाना आवश्यक है, जिससे ये रिकार्ड भविष्य में सुरक्षित रह सकें और जनता को भूमि संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा हो।
कलेक्टर ने अधीक्षक भू-अभिलेख को यह भी निर्देशित किया कि संधारण कार्य शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, अधीक्षक भू-अभिलेख श्री रेवा झारिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





