डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां तत्काल सुधार लाया जाए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर अक्षय डिगरसे सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने बैठक की शुरुआत सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा से की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी समय-सीमा का पालन करते हुए प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। जिन विभागों की रैंकिंग डी-ग्रेड या बी-ग्रेड में है, उन्हें दो दिन के भीतर सुधार लाने को कहा गया। साथ ही 50 दिन, 100 दिन या उससे अधिक लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने समनापुर, बजाग, करंजिया और शहपुरा जनपद पंचायतों की प्रगति संतोषजनक न होने पर सीईओ को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। परिवहन अधिकारी की अनुपस्थिति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिन विभागों ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों को “नॉन अटेंड” छोड़ा है, उन्हें भी नोटिस देने को कहा गया। अग्रणी बैंक प्रबंधक को भी चेतावनी दी गई कि यदि बैंक स्तर पर सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का निराकरण समय पर नहीं होता, तो संबंधित बैंक मैनेजर के खिलाफ आरएनए संभागीय अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने जिले के अस्पतालों में जांच-परीक्षण, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अगले बैठक में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य केंद्रों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने की बात कही ताकि जनता को अधिकतम लाभ मिल सके। राजस्व विभाग को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पीएम जनमन आवास योजना की समीक्षा करते हुए जनपदों से निर्माणाधीन आवासों और किश्तों के भुगतान की जानकारी मांगी। साथ ही कर्मयोगी केंद्रों की दीवारों पर शासन की योजनाओं से संबंधित पेंटिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण स्तर पर जानकारी का प्रसार हो सके।
त्योहारों को देखते हुए कलेक्टर ने मेडिकल स्टोर, क्लीनिक और स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित जांच करने के निर्देश औषधि निरीक्षक और एसडीएम को संयुक्त रूप से दिए। साथ ही निर्देश दिया कि किसी भी विभाग से संबंधित खबर प्रकाशित होने पर उसका वास्तविक जवाब कलेक्टर कार्यालय में तत्काल प्रस्तुत किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर भदौरिया ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक समय पर पहुंचे, यह सभी की जिम्मेदारी है। देरी या लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।




