डिंडौरी। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कोल्डरिफ सिरप की बिक्री और वितरण पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगाए जाने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य आयुक्त के निर्देशों के पालन में डिंडौरी कलेक्टर श्रीमती अंजु पवन भदौरिया ने जिलेभर में प्रतिबंधित और अमानक दवाओं की जांच के आदेश जारी किए हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर, निजी क्लीनिक, झोला छाप चिकित्सकों तथा सरकारी आपूर्ति केंद्रों में कोल्डरिफ और नेक्स्ट्रो-डीएस सिरप सहित संदिग्ध दवाओं का स्टॉक और गुणवत्ता की व्यापक जांच की जाएगी। इसके लिए अनुभागवार अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं जो औषधियों की वैधता, गुणवत्ता और बिक्री की जांच करेंगी तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डिंडौरी अनुभाग में एसडीएम सुश्री भारती मेरावी, तहसीलदार आर.पी. मार्को, नायब तहसीलदार शशांक शेंडे, आशुतोष मिश्रा और सुकमन कुलेश के साथ औषधि निरीक्षक दिव्यांश कमल नामदेव तथा खाद्य निरीक्षक आकाश तुरकर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शहपुरा अनुभाग में एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार सुंदरलाल यादव, नायब तहसीलदार तेजलाल धुर्वे, औषधि निरीक्षक दिव्यांश नामदेव, खाद्य निरीक्षक जयंत असरती और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी फूलचंद बरकड़े शामिल किए गए हैं। वहीं बजाग अनुभाग की निगरानी अनुविभागीय अधिकारी रामबाबू देवांगन करेंगे, जिनके साथ तहसीलदार भरत सिंह वट्टे, नायब तहसीलदार शैलेष गौर, औषधि निरीक्षक दिव्यांश नामदेव और खाद्य निरीक्षक शमीम खान को जोड़ा गया है। कलेक्टर भदौरिया ने निर्देश दिए हैं कि यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की जाए और जांच के दौरान पाई गई किसी भी प्रकार की अनियमितता पर नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




