डिंडौरी। मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की तहसील स्तरीय बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में आयोग के अध्यक्ष एस एन मिश्रा, सचिव अक्षय कुमार सिंह एवं सदस्य मनोज शुक्ला की मौजूदगी में विभिन्न विभागों की प्रशासनिक व्यवस्थाओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं तथा जनसुविधाओं के प्रभावी संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, होमगार्ड सहित अन्य विभागों के अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों ने भाग लिया। आयोग ने जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों से उनके कार्य, जिम्मेदारियों एवं कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी प्राप्त की।
राजस्व विभाग के पटवारियों ने हल्कों के विस्तृत क्षेत्र, सीमित संसाधनों, बढ़ते राजस्व प्रकरणों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन संबंधी परेशानियों को आयोग के समक्ष रखा। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) एवं आशा कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन और दूरस्थ इलाकों में कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ग्राम रोजगार सहायकों (जीआरएस) ने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं, मनरेगा कार्यों, ऑनलाइन कार्य प्रणाली, तकनीकी समस्याओं और बढ़ते कार्यभार से संबंधित मुद्दे उठाए। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के सुझाव और अनुभव प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने, प्रशासनिक कार्यों में गति लाने तथा नागरिक सुविधाओं को अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के विषय पर भी चर्चा की गई। आयोग द्वारा प्राप्त सुझावों एवं तथ्यों के आधार पर आवश्यक अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी। इस अवसर पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, अपर कलेक्टर जे.पी यादव, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर प्रियांशी जैन, तहसीलदार शंशाक शेंडें सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे हैं।
