मध्यप्रदेश के डिंडौरी कलेक्ट्रेट सभागार में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। जहां कलेक्टर नेहा मारव्या ने जिले के सभी प्रमुख विभागों की कार्य प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन सहित जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने खरीफ उपार्जन की तैयारियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए और कहा कि किसानों को समय पर लाभ सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने गौशालाओं में चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था, अमृत सरोवर एवं सार्वजनिक तालाबों के रख-रखाव, मनरेगा कार्यों तथा जे.जी.एस.ए. प्लांटेशन की स्थिति की समीक्षा की।
नर्मदा परिक्रमा पथ के अंतर्गत पौधारोपण को जिले की पहचान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा बताते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खनिज विभाग को अवैध खनिज भंडारण व परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही समग्र ई-केवाईसी, उर्वरक भंडारण, लंबित पेंशन प्रकरणों और बीपीएल धारक शासकीय सेवकों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कोदो-कुटकी पंजीयन, पराली प्रबंधन और जनअकांक्षा पोर्टल की शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि पराली प्रबंधन हेतु किसानों को समय पर जागरूक किया जाए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि जनहित कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की स्थिति से अवगत कराया। कलेक्टर ने मौके पर ही कई बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने दो दिन में गिरदावरी कार्य पूर्ण करने तथा ई-केवाईसी प्रगति धीमी रहने पर डिंडौरी और शहपुरा सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। साथ ही एसडीएम और तहसीलदारों को हिदायत दी कि वे अपने क्षेत्रों में आने वाले सभी विभागीय एवं जनहित कार्यों की प्रगति में तेजी लाएँ।




