— समय-सीमा बैठक में विभागवार समीक्षा, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की प्रगति, विभागवार लंबित प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के धीमे निराकरण पर नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, जनजातीय कार्य विभाग, पीएचई, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, खाद्य, बैंकर्स, श्रम और शिक्षा विभागों को निर्देश दिए कि 50 से 100 दिनों या अधिक समय से लंबित शिकायतों का तुरंत निराकरण करें।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों की हेल्पलाइन रैंकिंग ‘डी-ग्रेड’ में है, उनके अधिकारियों का मानदेय या वेतन आहरण रोक दिया जाए, जब तक कि वे शिकायतों का निराकरण नहीं कर देते। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को कहा कि पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्राम पंचायतों में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मरम्मत तत्काल की जाए, ताकि ग्रामीणों को पर्याप्त पानी मिल सके।
साथ ही विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि पानी आपूर्ति केंद्रों में नियमित विद्युत सप्लाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करें, अन्यथा लापरवाही पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने दिव्यांग शिविरों के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, कृषि, पीएचई विभागों तथा संबंधित एसडीएम को शिविरों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित किया कि छात्रवृत्ति वितरण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करें, जिससे छात्र-छात्राओं को समय पर छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के 7 विकासखंडों के 48 समस्याग्रस्त ग्रामों में नल-जल योजना के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के लिए ग्रामवार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा समय पर मिल सके।कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने बैठक के अंत में सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि समय-सीमा प्रकरणों और विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा करते रहें और निर्धारित समयावधि में सभी कार्य पूर्ण करें।





