डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने शहपुरा और डिंडौरी नगर के सौंदर्यीकरण के लिए नगर परिषद, पार्षदों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं व्यापारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि नगर के विकास और सौंदर्यीकरण में नागरिकों की भागीदारी अनिवार्य है।
कलेक्टर ने बताया कि नगर परिषद के आय के स्रोत सीमित हैं, सभी नागरिक, जनप्रतिनिधि और व्यापारी मिलकर नगर को स्वच्छ और आकर्षक बनाने में सहयोग करें। उन्होंने सुझाव दिया कि सफाई शुल्क को ₹50 से बढ़ाकर ₹100 प्रति माह किया जाए ताकि नगर परिषद को सफाई एवं विकास कार्यों में आर्थिक सहयोग मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्य मार्ग पर प्रवेश द्वार का निर्माण उद्योगपतियों और व्यापारियों के सहयोग से किया जाए, जिस पर उनके उद्योग या संस्था का नाम अंकित किया जा सके। इससे नगर की पहचान और भी आकर्षक बनेगी और पर्यटकों को एक सकारात्मक छवि मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाए और जो लोग सड़क या डिवाइडर पर कचरा फेंकते हैं, उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की कि सभी अपने घरों और दुकानों के सामने डस्टबिन का उपयोग करें और सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। साथ ही पार्षदों से कहा गया कि वे अपने वार्ड में सप्ताह में एक दिन स्वच्छता अभियान चलाकर नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
बैठक में कलेक्टर ने यह भी बताया कि नगर परिषद द्वारा नदी के जलाशय को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें वॉटर स्पोर्ट्स, स्विमिंग पूल और अन्य पर्यटन सुविधाएँ शामिल होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। कलेक्टर ने कहा कि इस प्रस्ताव पर प्रभारी मंत्री से चर्चा हो चुकी है और शासन से आवश्यक बजट उपलब्ध कराने का आश्वासन प्राप्त हुआ है।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, नगर परिषद सीएमओ अमित तिवारी, नगर परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती सारिका नायक, पार्षद श्रीमती स्मृति बर्मन, श्री रजनीश राय, भागीरथ उरैती सहित अनेक विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।





