डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के सभी विभागों के कार्यों, योजनाओं की प्रगति और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी,अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा एश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर भदौरिया ने कहा कि शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जिन विभागों में सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण की गति धीमी पाई, उन्हें चेतावनी देते हुए सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी, जनजातीय कार्य विभाग, पीएचई, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, खाद्य, बैंक, श्रम और शिक्षा विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दो दिवस के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण करें, अन्यथा तीसरे दिन पुनः समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तुरंत मरम्मत की जाए। वहीं विद्युत विभाग को पानी सप्लाई केंद्रों पर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बताया कि 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम में प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं की प्रदर्शनी, बैनर, पोस्टर के माध्यम से उपलब्धियां प्रदर्शित करेगा। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए दो दिवस के भीतर नामों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विभागों को “मध्यप्रदेश विजन 2030-2047” के अनुरूप अपनी योजनाओं और विकास प्रस्तावों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें धरती आबा, आदि कर्मयोगी और प्रधानमंत्री जनमन योजना में शामिल किया जा सके। कलेक्टर भदौरिया ने सभी विभागों को न्यायालयीन प्रकरणों का समयसीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
उन्होंने दिव्यांग शिविरों की सफलता हेतु स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय अधिकारी और संबंधित एसडीएम को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके। अंत में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और जनजातीय कार्य विभाग को निर्देशित किया कि छात्रवृत्ति वितरण में विलंब न हो और सभी पात्र छात्रों को समय पर राशि प्राप्त हो। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता के हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना होना चाहिए।





